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मेर प्यारा – प्यारा तोता मिठू

पोस्टेड ओन: 13 Nov, 2011 जनरल डब्बा में

parrot एक बार मैनें अपने पापा से कहा की मुझे एक तोता ला के दिजिए। उन्होने कहां ठीक है मैं एक ला दुंगा उसके अगले दिन 18.9. 11 को मेरा तोता आ गया। मैनें उसका नाम मिठु रखा। मेरा तोता सब खाता है जैसे कि - लोकी, सेब ,अमरुद और उसका मन पसंद मिर्चा । मेरा तोता एक पिजड़े मे रहता है। और वो मुझसे बहुत प्यार करता है । वो मेरे हाथ से खाना खाता है । अभी मेरा तोता 2 महीने का है इसलिए वो अभी बोल नहीं पाता पर फिर भी मै उसे बहुत प्यार करता हु।



Tags: sursistournews  

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

akraktale के द्वारा
November 16, 2011

प्रिय रुद्रांश आशीष, इस नाम की और भी कहीं तारीफ़ पढ़ी है नाम है ही सुन्दर, साक्षात् शिव का अस्तित्व. बहुत अच्छा लगता होगा तोते से बातें करना उसको खिलाना दुलारना. कुछ लोगों को एक तोता पालने की आदत होती है बिना तोते के उनको बैचेनी होने लगाती है.खासकर नेताओं को. मगर क्या उस तोते के बारे में कभी सोचा? मन के सुन्दर भावों को आपने बहुत ही सुन्दरता से लिपिबद्ध किया है. शब्दों की गिनती से महत्वपूर्ण है सम्पूर्णता जो आसानी से समझने के साथ महसूस भी की जा सके. आपके तोते और उससे आपके प्रेम को मै सहजता से समझ पा रहा हूँ.बधाई.

    rudransh के द्वारा
    November 16, 2011

    अंकल नमस्ते , मेरे तोता कामवाली आंटी के बच्चो ने उड़ा दिया मै एक पेट पालना चाहता हू पर पापा डागी नही लाके देते क्योकि ममा कहती है वो घर गन्दा करते है और हमारा तर्न्सफर तीन साल पर हो जाता है और मै अभी छोटा हू .

    akraktale के द्वारा
    November 18, 2011

    शुक्र है कोई तो आजाद हुआ, यहाँ सभी पेट पालना चाहते हैं, आप एक पेट पालना चाहते हो, मै कुछ अधिक और भी हैं जो मुझसे भी अधिक पेट पालने की जुगत में दिन रात मेहनत कर रहे हैं. बचपन, वो शैतानियाँ, वो नादानियां कभी लौट कर नहीं आती. पहले घरों के साथ आँगन हुआ करते थे, मुझे भी डौगी के साथ खेलने का बड़ा शौक था तो मैंने तो आँगन में ही ईंटे जमाकर मेरे डौगी के लिए घर बना दिया था.उसको कभी घर में नहीं ले जाता था,आप भी कुछ ऐसा ही उपाय अजमा

sumandubey के द्वारा
November 13, 2011

प्रिय रुद्रांश कोशिश करते रहो लिखना सीख जाओगे ढेर सारा स्नेह तुम्हे।

    rudransh के द्वारा
    November 13, 2011

    धन्यवाद मम्मी जी,

    Rajkamal Sharma के द्वारा
    November 13, 2011

    आदरणीय सुमन बहिन जी ….सादर अभिवादन ! नमस्कार ! शुक्रिया ! स्वागत ! आदर ! अभिनन्दन ! और आभार ! मम्मी को मुन्ना से -मुन्ना को मम्मी से प्यार है ….. है न बोलो बोलो …. आपके बेटे का यह प्रयास मन को भाया ….. कम से कम मेरे शुरूआती दिनों से तो अच्छा ही है …. मैं सिर्फ दो लाइनों का एक शेयर लिख कर भाग जाया करता था ….. इस मंच पर सुनहरे भविष्य के लिए मेरी तरफ से शुभकामनाये मुबारकबाद और मंगलकामनाये न्ये साल तक आने वाले सभी त्योहारों की बधाई




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